श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 135
 
 
श्लोक  2.28.135 
নানা গ্রাম হৈতে সে নানা উপাযন
আসিতে লাগিল অতি অকথ্য-কথন
नाना ग्राम हैते से नाना उपायन
आसिते लागिल अति अकथ्य-कथन
 
 
अनुवाद
आस-पास के गांवों से लोग जो सामग्री लेकर आए थे, उनकी विविधता का वर्णन नहीं किया जा सकता।
 
The variety of materials that people brought from the surrounding villages cannot be described.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)