তবে তুমি লোক-শিক্ষা-নিমিত্ত-কারণে
করিবা আমারে গুরু হেন লয মনে”
तबे तुमि लोक-शिक्षा-निमित्त-कारणे
करिबा आमारे गुरु हेन लय मने”
अनुवाद
"फिर भी मैं सोचता हूँ कि सामान्य लोगों को शिक्षा देने के लिए आप मुझे अपना गुरु स्वीकार करेंगे।"
"Still, I think you will accept me as your teacher to teach the common people."
तात्पर्य
केशव भारती ने महाप्रभु से कहा, "मैं समझ सकता हूँ कि आप लोगों को सिखाने के लिए गुरु स्वीकार करने की प्रक्रिया का सम्मान कर रहे हैं।" इस पर, महाप्रभु ने कहा "कृपया मुझे अपने भ्रामक शब्दों से धोखा न दें। मुझे मेरे धर्म या अधर्म के कर्मों के फल देने के द्वारा मुझे पारलौकिक ज्ञान प्रदान करो ताकि मैं कृष्ण का सेवक बन सकूँ।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥