श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 127
 
 
श्लोक  2.28.127 
“যে ভক্তি তোমার আমি দেখিল নযনে
এ শক্তি অন্যের নহে ঈশ্বরের বিনে
“ये भक्ति तोमार आमि देखिल नयने
ए शक्ति अन्येर नहे ईश्वरेर विने
 
 
अनुवाद
“आज मैंने अपनी आँखों से जो भक्ति देखी है, वह भगवान के अलावा किसी और में नहीं है।
 
“The devotion that I have seen with my own eyes today is not found in anyone else except God.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)