श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 126
 
 
श्लोक  2.28.126 
দেখিযা প্রভুর ভক্তি কেশব ভারতী
আনন্দ সাগরে মগ্ন হৈঽ করে স্তুতি
देखिया प्रभुर भक्ति केशव भारती
आनन्द सागरे मग्न हैऽ करे स्तुति
 
 
अनुवाद
भगवान की भक्ति भावना देखकर केशव भारती आनंद के सागर में डूब गए। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की।
 
Seeing the Lord's devotion, Keshav Bharati was overwhelmed with joy. He prayed to the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)