श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 116
 
 
श्लोक  2.28.116 
পাক দিযা নৃত্য করিতে যে ছুটে জল
তাহাতেই লোক স্নান করিল সকল
पाक दिया नृत्य करिते ये छुटे जल
ताहातेइ लोक स्नान करिल सकल
 
 
अनुवाद
जब भगवान एक चक्र में नृत्य कर रहे थे, तो उनके आँसुओं ने उनके चारों ओर एकत्रित सभी लोगों को भिगो दिया।
 
While the Lord was dancing in a circle, His tears soaked everyone gathered around Him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)