श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 111
 
 
श्लोक  2.28.111 
প্রেম-জলে অঙ্গ ভাসে প্রভুর কহিতে
হুঙ্কার করিযাশেষে লাগিলা নাচিতে
प्रेम-जले अङ्ग भासे प्रभुर कहिते
हुङ्कार करियाशेषे लागिला नाचिते
 
 
अनुवाद
भगवान का शरीर प्रेम की लहरों में तैरने लगा। फिर भगवान नाचने लगे और ज़ोर-ज़ोर से रोने लगे।
 
The Lord's body began to float in waves of love. Then the Lord began to dance and weep loudly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)