श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 11-12
 
 
श्लोक  2.28.11-12 
তান স্থানে আমার সন্ন্যাস সুনিশ্চিত
এই পাঙ্চ জনে মাত্র করিবা বিদিত
আমার জননী, গদাধর, ব্রহ্মানন্দ
শ্রী-চন্দ্রশেখরাচার্য, অপর মুকুন্দ”
तान स्थाने आमार सन्न्यास सुनिश्चित
एइ पाङ्च जने मात्र करिबा विदित
आमार जननी, गदाधर, ब्रह्मानन्द
श्री-चन्द्रशेखराचार्य, अपर मुकुन्द”
 
 
अनुवाद
"मैं उनसे अवश्य संन्यास ग्रहण करूँगा। आप जिन पाँच व्यक्तियों के बारे में बता सकते हैं, वे हैं मेरी माता, गदाधर, ब्रह्मानंद भारती, श्री चन्द्रशेखर आचार्य और मुकुंद।"
 
"I will certainly take sannyasa from him. The five persons you can tell me about are my mother, Gadadhara, Brahmananda Bharati, Sri Chandrashekhar Acharya and Mukunda."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)