श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 107
 
 
श्लोक  2.28.107 
দণ্ডবত্-প্রণাম করিযা প্রভু তানে
কর-যোড করিঽ স্তুতি করেন আপনে
दण्डवत्-प्रणाम करिया प्रभु ताने
कर-योड करिऽ स्तुति करेन आपने
 
 
अनुवाद
भगवान प्रणाम करते हुए नीचे गिर पड़े। फिर, हाथ जोड़कर उन्होंने प्रार्थना की।
 
The Lord prostrated himself before the Lord. Then, with folded hands, he prayed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)