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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला
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श्लोक 105
श्लोक
2.28.105
আইলেন প্রভু যথা কেশব ভারতী
মত্ত-সিṁহ-প্রায প্রিয-বর্গের সṁহতি
आइलेन प्रभु यथा केशव भारती
मत्त-सिꣳह-प्राय प्रिय-वर्गेर सꣳहति
अनुवाद
भगवान अपने अंतरंग पार्षदों के साथ उन्मत्त सिंह की भाँति केशव भारती से मिलने वहाँ पहुँचे।
The Lord, accompanied by his close associates, arrived there like a mad lion to meet Keshav Bharati.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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