भगवान के पूर्व निर्देशानुसार, नित्यानंद प्रभु, गदाधर, मुकुंद, चंद्रशेखर आचार्य और ब्रह्मानंद भारती क्रमशः वहां पहुंचे।
As per the prior instructions of the Lord, Nityananda Prabhu, Gadadhara, Mukunda, Chandrashekhar Acharya and Brahmananda Bharati reached there respectively.
तात्पर्य
श्री गौरसुन्दर ने श्री चन्द्रशेखर आचार्य के घर पर संन्यास की स्वीकृति लेने का विचार किया था। उस समय वहाँ श्री नित्यानंद, गदाधर, मुकुंद और ब्रह्मानंद भारती उपस्थित थे। हमने अब वहाँ श्री चैतन्य मठ की स्थापना कर ली है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥