श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.28.1 
জয জয শ্রী-গৌরাঙ্গ বিষ্ণুপ্রিযা-নাথ
জীব-গণ-প্রতি কর শুভ দৃষ্টি-পাত
जय जय श्री-गौराङ्ग विष्णुप्रिया-नाथ
जीव-गण-प्रति कर शुभ दृष्टि-पात
 
 
अनुवाद
विष्णुप्रिय भगवान श्री गौरांग की जय हो! कृपया जीवों पर अपनी शुभ दृष्टि प्रदान करें।
 
All hail Lord Gauranga, beloved of Vishnu! Please bestow Your auspicious glance upon the living entities.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)