কমল-নযন তোর শ্রী-চন্দ্র-বদন
অধর সুরঙ্গ, কুন্দ-মুকুতা-দশন
অমিযা বরিখে যেন সুন্দর বচন
না দেখি বাঙ্চিব কি সে গজেন্দ্র-গমন
कमल-नयन तोर श्री-चन्द्र-वदन
अधर सुरङ्ग, कुन्द-मुकुता-दशन
अमिया वरिखे येन सुन्दर वचन
ना देखि वाङ्चिब कि से गजेन्द्र-गमन
अनुवाद
"आपके कमल-नेत्र, चन्द्रमा-सदृश मुख, लाल-लाल ओठ, कुंदन के पुष्पों के समान मोती-सदृश दाँत, या हाथी-सदृश चाल देखे बिना मैं कैसे जीवित रहूँगा? और आपके अमृत-वर्षा करने वाले वचनों को सुने बिना मैं कैसे जीवित रहूँगा?
"How can I live without seeing your lotus-like eyes, moon-like face, red lips, pearl-like teeth like gold flowers, or elephant-like gait? And how can I live without hearing your nectar-showering words?
तात्पर्य
श्री गौराहरि के मुख की तुलना चंद्र से, उनके दाँत कुन्द पुष्पों या मोतियों से और उनके एक-एक क़दम की तुलना गजराज के चलने से की गई है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥