श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 27: भगवान का वियोग भाव को शांत करना  »  श्लोक 11-12
 
 
श्लोक  2.27.11-12 
এই জন্মে তুমি সব যেন আমাঽ-সঙ্গে
নিরবধি আছ সঙ্কীর্তন-সুখ-রঙ্গে
যুগে যুগে অনেক আমার অবতার
সে সকল সঙ্গী সবে হঽযেছ আমার
एइ जन्मे तुमि सब येन आमाऽ-सङ्गे
निरवधि आछ सङ्कीर्तन-सुख-रङ्गे
युगे युगे अनेक आमार अवतार
से सकल सङ्गी सबे हऽयेछ आमार
 
 
अनुवाद
“चूँकि तुम इस जन्म में मेरे साथ संकीर्तन का सुख भोग रहे हो, इसलिए तुम सभी विभिन्न युगों में मेरे विभिन्न अवतारों में मेरे सहयोगी थे।
 
“Since you are enjoying the bliss of sankirtana with me in this birth, you were my associates in my various incarnations in all the different ages.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)