श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  2.26.49 
ভক্ত সব বুঝিলেন—বৈভব-দর্শন
সর্ব-গণ লাগিলেন করিতে ক্রন্দন
भक्त सब बुझिलेन—वैभव-दर्शन
सर्व-गण लागिलेन करिते क्रन्दन
 
 
अनुवाद
जब सभी भक्तों को यह पता चला कि उन्होंने भगवान के ऐश्वर्य को देख लिया है, तो वे रोने लगे।
 
When all the devotees realized that they had seen the opulence of the Lord, they started crying.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)