श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  2.26.43 
আব্রহ্ম পর্যন্ত সব দেখে জ্যোতির্ময
হস্ত দেখিঽ পরানন্দ হৈলা বিজয
आब्रह्म पर्यन्त सब देखे ज्योतिर्मय
हस्त देखिऽ परानन्द हैला विजय
 
 
अनुवाद
वह तेज ब्रह्मा के लोक तक फैल गया। भगवान का हाथ देखकर विजया दिव्य आनंद से भर गईं।
 
That radiance spread to the realm of Brahma. Seeing the Lord's hand, Vijaya was filled with divine joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)