श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  2.26.36 
ভক্ত-গণ করিলেন তথাই শযন
তথি মধ্যে অদ্ভুত দেখযে এক জন
भक्त-गण करिलेन तथाइ शयन
तथि मध्ये अद्भुत देखये एक जन
 
 
अनुवाद
भक्त भी वहीं लेट गए। उनमें से एक ने कुछ अद्भुत देखा।
 
The devotees also lay down there. One of them saw something amazing.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)