श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  2.26.23 
হাসিঽ বসিলেন প্রভু আনন্দে ভোজনে
নযন ভরিযা দেখে সব ভৃত্য-গণে
हासिऽ वसिलेन प्रभु आनन्दे भोजने
नयन भरिया देखे सब भृत्य-गणे
 
 
अनुवाद
इसके बाद प्रभु मुस्कुराए और आनंदपूर्वक भोजन करने बैठे। उनके सभी सेवकों ने अपनी आँखों की संतुष्टि के साथ उन्हें देखा।
 
The Lord then smiled and sat down to eat happily. All his servants looked at him with satisfaction in their eyes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)