श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.26.21 
আপনে লৈলা অন্ন তান ইচ্ছা পালিঽ
শুক্লাম্বর দেখিযা হাসেন কুতূহলী
आपने लैला अन्न तान इच्छा पालिऽ
शुक्लाम्बर देखिया हासेन कुतूहली
 
 
अनुवाद
जैसे ही भगवान ने इच्छित चावल लिया, उन्होंने शुक्लम्बर की ओर देखा और प्रसन्नतापूर्वक मुस्कुराये।
 
As soon as the Lord took the desired rice, he looked at Shuklamber and smiled happily.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)