श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 184
 
 
श्लोक  2.26.184 
কেহ বলে,—“সে সুন্দর কেশে আর বার
আমলক দিযা কি বা করিব সṁস্কার”
केह बले,—“से सुन्दर केशे आर बार
आमलक दिया कि वा करिब सꣳस्कार”
 
 
अनुवाद
किसी और ने कहा, “मैं उनके सुन्दर बालों को फिर आमलकी से कैसे धोऊँगा?”
 
Someone else said, “How will I wash her beautiful hair with amalaki again?”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)