श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 178
 
 
श्लोक  2.26.178 
এই মত আপ্ত-বৈষ্ণবের স্থানে স্থানে
ঽশিখা-সূত্র ঘুচাইমুঽ বলিলা আপনে
एइ मत आप्त-वैष्णवेर स्थाने स्थाने
ऽशिखा-सूत्र घुचाइमुऽ बलिला आपने
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भगवान ने अपने अंतरंग भक्तों को स्वयं सूचित किया, "मैं अपनी शिखा और ब्राह्मण जनेऊ त्याग दूँगा।"
 
Thus the Lord Himself informed His intimate devotees, "I will give up My Shikha and Brahmin sacred thread."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)