श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 174
 
 
श्लोक  2.26.174 
অনাথিনী, মাযেরে বা কে-মতে ছাডিবে
প্রথমেই জননী-বধের ভাগী হবে
अनाथिनी, मायेरे वा के-मते छाडिबे
प्रथमेइ जननी-वधेर भागी हबे
 
 
अनुवाद
"तुम अपनी विधवा माँ को कैसे छोड़ोगे? तुम शुरू से ही अपनी माँ की मौत के ज़िम्मेदार होगे।"
 
"How can you leave your widowed mother? You will be responsible for your mother's death from the very beginning."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)