श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 166
 
 
श्लोक  2.26.166 
মুকুন্দের বাক্য শুনিঽ শ্রী-গৌরসুন্দর
চলিলেন যথায আছেন গদাধর
मुकुन्देर वाक्य शुनिऽ श्री-गौरसुन्दर
चलिलेन यथाय आछेन गदाधर
 
 
अनुवाद
मुकुंद की अपील सुनने के बाद, श्री गौरसुंदर गदाधर के निवास पर गए।
 
After hearing Mukunda's appeal, Sri Gaurasundara went to Gadadhara's residence.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)