श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 163
 
 
श्लोक  2.26.163 
শ্রী-শিখার অন্তর্ধান শুনিযা মুকুন্দ
পডিল বিরহে, সব ঘুচিল আনন্দ
श्री-शिखार अन्तर्धान शुनिया मुकुन्द
पडिल विरहे, सब घुचिल आनन्द
 
 
अनुवाद
यह सुनकर कि भगवान अपना शिखा मुंडवाएंगे, मुकुंद शोक में डूब गए और उनकी सारी खुशी चली गई।
 
Hearing that the Lord would shave off His Shikha, Mukunda was plunged into grief and lost all his happiness.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)