श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  2.26.15 
স্নান করিঽ শুক্লাম্বর অতি সাবধানে
সুবাসিত জল তপ্ত করিলা আপনে
स्नान करिऽ शुक्लाम्बर अति सावधाने
सुवासित जल तप्त करिला आपने
 
 
अनुवाद
स्नान करने के बाद, शुक्लम्बर ने सावधानीपूर्वक कुछ सुगंधित जल उबाला।
 
After bathing, Shuklamber carefully boiled some fragrant water.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)