श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 148
 
 
श्लोक  2.26.148 
স্বতন্ত্র পরমানন্দ তোমার চরিত
তুমি যে করিবে, সে-ই হৈবে নিশ্চিত
स्वतन्त्र परमानन्द तोमार चरित
तुमि ये करिबे, से-इ हैबे निश्चित
 
 
अनुवाद
“आप स्वतंत्र हैं और दिव्य आनंद से परिपूर्ण हैं, इसलिए आप जो कुछ भी करना चाहेंगे, वह अवश्य होगा।
 
“You are free and filled with divine bliss, so whatever you wish to happen will surely happen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)