श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 144
 
 
श्लोक  2.26.144 
নিত্যানন্দ বলে,—“প্রভু, তুমি ইচ্ছা-ময
যে তোমার ইচ্ছা প্রভু সেই সে নিশ্চয
नित्यानन्द बले,—“प्रभु, तुमि इच्छा-मय
ये तोमार इच्छा प्रभु सेइ से निश्चय
 
 
अनुवाद
नित्यानंद बोले, "हे प्रभु, आप परम स्वतंत्र हैं। आप जो चाहेंगे, वह अवश्य होगा।"
 
Nityananda said, "O Lord, you are absolutely free. Whatever you wish will surely happen."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)