श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 139
 
 
श्लोक  2.26.139 
যে-রূপ করাহ তুমি, সে-ই হৈব আমি
এতেকে বিধান দেহঽ অবতার জানিঽ
ये-रूप कराह तुमि, से-इ हैब आमि
एतेके विधान देहऽ अवतार जानिऽ
 
 
अनुवाद
“मैं वही करूंगा जो आप चाहते हैं, लेकिन आप मेरे अवतार का उद्देश्य जानते हैं।
 
“I will do what you want, but you know the purpose of my incarnation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)