श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 131
 
 
श्लोक  2.26.131 
ভাল লোক তারিতে করিলুঙ্ অবতার
আপনে করিলুঙ্ সব জীবের সṁহার
भाल लोक तारिते करिलुङ् अवतार
आपने करिलुङ् सब जीवेर सꣳहार
 
 
अनुवाद
“मैंने संसार के लोगों का उद्धार करने के लिए अवतार लिया था, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि मैं उनका विनाश कर रहा हूँ।
 
“I incarnated to save the people of the world, but it seems I am destroying them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)