श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 120
 
 
श्लोक  2.26.120 
এক বাক্য অদ্ভুত বলিলা আচম্বিত
কেহ না বুঝিল অর্থ, সবে চমকিত
एक वाक्य अद्भुत बलिला आचम्बित
केह ना बुझिल अर्थ, सबे चमकित
 
 
अनुवाद
अचानक उन्होंने कुछ अजीब बात कही, जिसे कोई समझ नहीं सका। सब लोग आश्चर्य से दंग रह गए।
 
Suddenly he said something strange, which no one could understand. Everyone was stunned with astonishment.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)