श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 119
 
 
श्लोक  2.26.119 
এক-দিন মহাপ্রভু আছেন বসিযা
চতুর্-দিকে সকল পার্ষদ-গণ লৈযা
एक-दिन महाप्रभु आछेन वसिया
चतुर्-दिके सकल पार्षद-गण लैया
 
 
अनुवाद
एक दिन महाप्रभु अपने सहयोगियों के बीच बैठे थे।
 
One day Mahaprabhu was sitting among his associates.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)