श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 118
 
 
श्लोक  2.26.118 
এই মত যুক্তি করিলেন পাপি-গণ
জানিলেন অন্তর্যামীশ্রী-শচীনন্দন
एइ मत युक्ति करिलेन पापि-गण
जानिलेन अन्तर्यामीश्री-शचीनन्दन
 
 
अनुवाद
इस प्रकार पापी शिष्यों ने एक योजना बनाई, जिसे श्रीशचीनन्दन परमात्मा ने समझ लिया।
 
In this way the sinful disciples made a plan, which was understood by Shri Sachinandan God.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)