श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  2.26.11 
আপনে শূদ্রার পুত্র বিদুরের স্থানে
অন্ন মাগিঽ খাইলেন ভক্তির কারণে
आपने शूद्रार पुत्र विदुरेर स्थाने
अन्न मागिऽ खाइलेन भक्तिर कारणे
 
 
अनुवाद
यद्यपि विदुर शूद्र पुत्र थे, फिर भी उनकी भक्तिमय सेवा के कारण भगवान ने स्वयं उनसे भोजन मांगा और खाया।
 
Although Vidura was a son of a Shudra, yet because of his devotional service the Lord Himself asked for food from him and ate.
तात्पर्य
विदुर से भिक्षा माँगते भगवान के वर्णन के लिए, महाभारत, उद्योग-पर्व, अध्याय 90 देखें।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)