श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.26.10 
বিশেষে যে জন তানে সর্ব-ভাবে ভজে
সর্ব-কাল তান অন্ন আপনেই খোঞ্জে
विशेषे ये जन ताने सर्व-भावे भजे
सर्व-काल तान अन्न आपनेइ खोञ्जे
 
 
अनुवाद
“वह हमेशा भोजन मांगते हैं, विशेषकर उनसे जो उनकी अनन्य भक्ति से पूजा करते हैं।
 
“He always asks for food, especially from those who worship him with unwavering devotion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)