श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 26: शुक्लाम्बर और विजय पर कृपा का वर्णन और भगवान की संन्यास की इच्छा  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.26.1 
এক-দিন শুক্লাম্বর-ব্রহ্মাচারি-স্থানে
কৃপায তাহানে অন্ন মাগিলা আপনে
एक-दिन शुक्लाम्बर-ब्रह्माचारि-स्थाने
कृपाय ताहाने अन्न मागिला आपने
 
 
अनुवाद
एक दिन भगवान ने दयापूर्वक शुक्लम्बर ब्रह्मचारी से कुछ चावल मांगे।
 
One day the Lord kindly asked Shuklamber Brahmachari for some rice.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)