श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 25: श्रीवास के मृत पुत्र के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान का प्रवचन  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  2.25.67 
মৃত-পুত্র-মুখে শুনিঽ অপূর্ব কথন
আনন্দ-সাগরে ভাসে সর্ব ভক্ত-গণ
मृत-पुत्र-मुखे शुनिऽ अपूर्व कथन
आनन्द-सागरे भासे सर्व भक्त-गण
 
 
अनुवाद
मृत बालक के मुख से वे असाधारण बातें सुनकर सभी भक्तगण आनंद के सागर में तैरने लगे।
 
Hearing those extraordinary words from the mouth of the dead child, all the devotees started swimming in the ocean of joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)