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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 25: श्रीवास के मृत पुत्र के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान का प्रवचन
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श्लोक 42
श्लोक
2.25.42
তথাপি ও কেহ কিছু ব্যক্ত নাহি করে
দুঃখ বড পাইলেন সবেই অন্তরে
तथापि ओ केह किछु व्यक्त नाहि करे
दुःख बड पाइलेन सबेइ अन्तरे
अनुवाद
फिर भी, किसी ने भी यह खबर प्रभु को नहीं बताई। सबने अपने मन में ही दुःख की भावनाएँ दबा रखीं।
Still, no one shared this news with the Lord. Everyone kept their feelings of grief to themselves.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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