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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 25: श्रीवास के मृत पुत्र के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान का प्रवचन
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श्लोक 10
श्लोक
2.25.10
কোন-দিন নৃত্য করিঽ বসেন অঙ্গনে
ঘরে স্নান করাযেন সর্ব ভক্ত-গণে
कोन-दिन नृत्य करिऽ वसेन अङ्गने
घरे स्नान करायेन सर्व भक्त-गणे
अनुवाद
कुछ दिन भगवान नृत्य करने के बाद आंगन में बैठते थे और सभी भक्त उन्हें घर के अंदर ही स्नान कराते थे।
For some days, after dancing, the Lord would sit in the courtyard and all the devotees would bathe him inside the house.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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