vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 24: भगवान का अद्वैत को अपना विश्वरूप का प्रदर्श
»
श्लोक 88
श्लोक
2.24.88
শুনিযা অদ্বৈতে ক্রোধে অগ্নি-হেন জ্বলে
দিগম্বর হৈযা অশেষ মন্দ বলে
शुनिया अद्वैते क्रोधे अग्नि-हेन ज्वले
दिगम्बर हैया अशेष मन्द बले
अनुवाद
जब अद्वैत ने ये शब्द सुने, तो वह क्रोध से आग-बबूला हो गया। उसने अपना वस्त्र खो दिया और अनेक कठोर शब्द बोलने लगा।
When Advaita heard these words, he became furious. He threw away his clothes and began to speak many harsh words.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×