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श्लोक 2.24.71  |
নবদ্বীপে হেন সব প্রকাশের স্থান
তথাপিহ ভক্ত বহি না জানযে আন |
नवद्वीपे हेन सब प्रकाशेर स्थान
तथापिह भक्त वहि ना जानये आन |
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| अनुवाद |
| नवद्वीप में ऐसी लीलाएँ होती थीं, फिर भी भक्तों के अलावा अन्य किसी को उनके बारे में पता नहीं था। |
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| Such pastimes took place in Navadvipa, yet no one except the devotees knew about them. |
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