श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 24: भगवान का अद्वैत को अपना विश्वरूप का प्रदर्श  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  2.24.59 
নিত্যানন্দ আগমন জানিঽ বিশ্বম্ভর
দ্বার ঘুচাইযা প্রভু আইলা সত্বর
नित्यानन्द आगमन जानिऽ विश्वम्भर
द्वार घुचाइया प्रभु आइला सत्वर
 
 
अनुवाद
यह जानकर कि नित्यानंद आ गए हैं, विश्वम्भर ने शीघ्रता से दरवाजा खोल दिया।
 
Knowing that Nityananda had arrived, Visvambhara quickly opened the door.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)