श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 24: भगवान का अद्वैत को अपना विश्वरूप का प्रदर्श  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  2.24.25 
প্রভুর আবেশ দেখিঽ সর্ব-ভক্ত-গণ
অন্যোন্যে গলা ধরিঽ করেন ক্রন্দন
प्रभुर आवेश देखिऽ सर्व-भक्त-गण
अन्योन्ये गला धरिऽ करेन क्रन्दन
 
 
अनुवाद
भगवान की प्रसन्नता भरी मनोदशा देखकर सभी भक्त एक दूसरे से गले मिल गए और रोने लगे।
 
Seeing the happy mood of the Lord, all the devotees hugged each other and started crying.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)