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श्लोक 2.23.535  |
শুনিলে চৈতন্য-কথা যার হয সুখ
সে অবশ্য দেখিবেক চৈতন্য-শ্রী-মুখ |
शुनिले चैतन्य-कथा यार हय सुख
से अवश्य देखिबेक चैतन्य-श्री-मुख |
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| अनुवाद |
| जो व्यक्ति भगवान चैतन्य की कथा सुनकर प्रसन्न होता है, वह निश्चय ही उनके मुखकमल को देखेगा। |
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| One who is pleased to hear the story of Lord Chaitanya will certainly see His lotus face. |
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