vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण
»
श्लोक 523
श्लोक
2.23.523
চৈতন্য-প্রিযের পাযে মোর নমস্কার
অবধূত-চন্দ্র প্রভু হৌক্ আমার
चैतन्य-प्रियेर पाये मोर नमस्कार
अवधूत-चन्द्र प्रभु हौक् आमार
अनुवाद
मैं भगवान चैतन्य के प्रिय भक्तों के चरणों में प्रणाम करता हूँ, जिससे अवधूतचन्द्र मेरे भगवान बन सकें।
I bow at the feet of the beloved devotees of Lord Chaitanya, so that Avadhutachandra may become my Lord.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×