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श्लोक 2.23.486  |
করিলেন মাত্র শ্রীধরের জল-পান
কি হৈল না জানি প্রেমের অধিষ্ঠান |
करिलेन मात्र श्रीधरेर जल-पान
कि हैल ना जानि प्रेमेर अधिष्ठान |
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| अनुवाद |
| मैं उस प्रेम को नहीं समझ सकता जो भगवान ने श्रीधर का जल पीते समय प्रकट किया था। |
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| I cannot understand the love that the Lord displayed while drinking the water of Sridhar. |
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