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श्लोक 2.23.391  |
সর্ব-ভূত অন্তর্যামীশ্রী-শচী-নন্দন
আজ্ঞা লঙ্ঘিবেক হেন আছে কোন্ জন |
सर्व-भूत अन्तर्यामीश्री-शची-नन्दन
आज्ञा लङ्घिबेक हेन आछे कोन् जन |
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| अनुवाद |
| शचीपुत्र परमात्मा समस्त जीवों के हृदय में स्थित हैं। उनकी आज्ञा का उल्लंघन कौन कर सकता है? |
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| The Supreme Being, the son of Sachi, resides in the hearts of all living beings. Who can disobey His command? |
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