vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण
»
श्लोक 380
श्लोक
2.23.380
কোটি কোটি হরি-ধ্বনি মহা-কোলাহল
স্বর্গ, মর্ত্য, পাতালাদি পূরিল সকল
कोटि कोटि हरि-ध्वनि महा-कोलाहल
स्वर्ग, मर्त्य, पातालादि पूरिल सकल
अनुवाद
लाखों लोगों द्वारा हरि नाम जपने की कोलाहलपूर्ण ध्वनि स्वर्ग, मर्त्य और पाताललोक सहित सम्पूर्ण वातावरण में व्याप्त हो गई।
The noisy sound of millions of people chanting Hari's name permeated the entire atmosphere, including heaven, mortal and underworld.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas