|
| |
| |
श्लोक 2.23.234  |
না জানি বা কত জনে মৃদঙ্গ বাজায
না জানি বা মহানন্দে কত জনে গায |
ना जानि वा कत जने मृदङ्ग बाजाय
ना जानि वा महानन्दे कत जने गाय |
| |
| |
| अनुवाद |
| कौन कह सकता है कि कितने लोगों ने मृदंग बजाया? कौन कह सकता है कि कितने लोगों ने परमानंद में गाया? |
| |
| Who can say how many played the drum? Who can say how many sang in ecstasy? |
|
|
| ✨ ai-generated |
| |
|