श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  2.22.96 
বিশ্বম্ভর বলে,—“ভাই, ভাত খাও গিযা
বিলম্ব না কর”, বলে হাসিযা হাসিযা
विश्वम्भर बले,—“भाइ, भात खाओ गिया
विलम्ब ना कर”, बले हासिया हासिया
 
 
अनुवाद
विश्वम्भर मुस्कुराए और बोले, "अरे भाई, खाना खाने आ जाओ। देर मत करना।"
 
Vishwambhar smiled and said, "Hey brother, come and have dinner. Don't be late."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)