श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 93
 
 
श्लोक  2.22.93 
মাযে বলে,—“বিশ্বম্ভর, যাহ রড
দিযাতোমার ভাইরে ঝাট ডাকিঽ আন গিযা”
माये बले,—“विश्वम्भर, याह रड
दियातोमार भाइरे झाट डाकिऽ आन गिया”
 
 
अनुवाद
माता शची ने उनसे कहा, "विश्वम्भर, शीघ्र जाओ और अपने भाई को ले आओ।"
 
Mother Shachi said to him, "Visvambhar, go quickly and bring your brother."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)