श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  2.22.92 
পরম বালক প্রভু গৌরাঙ্গ-সুন্দর
কুটিল কুন্তল, বেশ অতি মনোহর
परम बालक प्रभु गौराङ्ग-सुन्दर
कुटिल कुन्तल, वेश अति मनोहर
 
 
अनुवाद
उस समय भगवान गौरसुन्दर घुंघराले बालों और आकर्षक पोशाक वाले एक बालक मात्र थे।
 
At that time Lord Gaurasundara was just a boy with curly hair and attractive attire.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)